
इंदौर ने सड़कें साफ़ कीं, अब रियल एस्टेट की बारी
भारत इंदौर को एक शानदार बात के लिए जानता है। ये देश का सबसे स्वच्छ शहर है, और उसने ये ख़िताब साल दर साल थामे रखा है, किसी और को लेने नहीं दिया। लेकिन इस

भारत इंदौर को एक शानदार बात के लिए जानता है। ये देश का सबसे स्वच्छ शहर है, और उसने ये ख़िताब साल दर साल थामे रखा है, किसी और को लेने नहीं दिया। लेकिन इस

आँकड़े बाज़ार का वर्णन करते हैं। कहानियाँ उसे समझाती हैं। भारत का प्रॉपटेक क्षेत्र, जो 2025 में करीब 1.3 अरब डॉलर था, 2034 तक लगभग चार अरब तक पहुँचने की राह पर है। एक दशक

भारत ने प्रभावशाली आवास योजनाएँ बनाई हैं। सब्सिडी, सस्ते कर्ज़, किफ़ायती मकान। ये सब मायने रखता है। लेकिन एक योजना ऐसी है जिसका ऐलान कोई मंत्रालय नहीं कर सकता, और शायद वही सबसे ताक़तवर है।

किसी भारतीय से पूछिए उसका म्यूचुअल फंड कैसा चल रहा है, वो सेकंडों में बता देगा। उसे वैल्यू पता है, रिटर्न पता है, ट्रेंड पता है। उसकी प्रॉपर्टी कैसी चल रही है, ये पूछिए तो